अमेरिका के न्याय विभाग ने ईरान की सरकार पर एक हैक्टिविस्ट समूह चलाने का आरोप लगाया है, जिसने हाल ही में एक बड़ी चिकित्सा प्रौद्योगिकी कंपनी पर साइबर हमला किया था।
न्याय विभाग के अनुसार, ईरान का खुफिया और सुरक्षा मंत्रालय (MOIS) 'हंदला' नामक एक समूह का संचालन कर रहा है।
न्याय विभाग ने इस समूह को एक छद्म एक्टिविस्ट बताया है, जिसका उपयोग ईरानी मंत्रालय द्वारा अपने विरोधियों के खिलाफ मनोवैज्ञानिक अभियान चलाने, साइबर हमलों की जिम्मेदारी लेने और उन हमलों के दौरान चुराई गई जानकारी को प्रकाशित करने के लिए किया जाता है। आरोप है कि इस समूह ने पत्रकारों, शासन के विरोधियों और इस्राइली नागरिकों की हत्या का आह्वान भी किया था।
यह घोषणा तब आई है जब एफबीआई ने 'हंदला' से जुड़ी दो वेबसाइटों को जब्त कर लिया। इस समूह ने इन वेबसाइटों का उपयोग कथित साइबर हमलों का प्रचार करने के साथ-साथ उन दर्जनों लोगों की व्यक्तिगत जानकारी प्रकाशित करने के लिए किया था, जो कथित तौर पर इजरायली सेना और रक्षा ठेकेदारों के लिए काम करते थे।
'हंदला' ने एक चिकित्सा उपकरण कंपनी पर 11 मार्च को हुए साइबर हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसके दौरान हैकर्स ने हजारों कर्मचारियों के उपकरणों को दूर से ही मिटा दिया था। हैकर्स ने कहा कि यह हमला ईरानी स्कूल पर अमेरिकी हवाई हमले के जवाब में था, जिसमें कई बच्चों की मौत हो गई थी।
न्याय विभाग ने यह भी आरोप लगाया है कि ईरानी सरकार के हैकर्स ने दो अन्य डोमेन का उपयोग करके 2022 में अल्बानियाई सरकार पर हैकिंग की जिम्मेदारी ली थी, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी सर्वर ऑफलाइन हो गए और संवेदनशील डेटा चोरी हो गया था।
एफबीआई ने कहा है कि 'हंदला' और 'जस्टिस होमलैंड' नामक एक अन्य हैक्टिविस्ट समूह एक ही साजिश का हिस्सा हैं, क्योंकि वे एक ही व्यक्तियों द्वारा संचालित किए जाते हैं।
इस आरोप के जवाब में 'हंदला' ने कहा है कि अमेरिकी सरकार की कार्रवाई उनकी आवाज को दबाने का एक प्रयास है।