अमेरिका के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने पाकिस्तान और चीन को अमेरिका के लिए खतरा बताया है। उन्होंने बुधवार, 18 मार्च, 2026 को कहा कि पाकिस्तान, रूस, चीन और उत्तरी कोरिया संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए सबसे बड़ा परमाणु खतरा पैदा करते हैं। उन्होंने चीन, ईरान, रूस और उत्तरी कोरिया को ऐसे देशों के रूप में भी नामित किया है, जो ऐसी क्षमताएं विकसित कर रहे हैं जो अमेरिका को खतरे में डाल सकती हैं।
'परमाणु और पारंपरिक दोनों प्रकार के हथियार'
तुलसी गबार्ड ने दावे के साथ कहा कि, 'गुप्त सूचना से पता चला है कि रूस, चीन, उत्तरी कोरिया, ईरान और पाकिस्तान ऐसी मिसाइल टेक्नोलॉजी विकसित कर रहे हैं जो परमाणु और पारंपरिक दोनों प्रकार के हथियार ले जाने में सक्षम हो, जिससे अमेरिका इन देशों की मारक क्षमता के दायरे में आ सकता है। उत्तरी कोरिया भी अब रूस और चीन के साथ अपनी भागीदारी को और मजबूत बना रहा है।
ईरान को फिर से उठने में वर्षों लग जाएंगे
सीनेट पैनल के सामने अपने संबोधन में तुलसी गबार्ड ने कहा कि अलग-अलग गुप्त जानकारी के अनुसार पता चला है कि अमेरिका पर हमला करने में सक्षम मिसाइलों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। ईरानी सत्ता अभी भी यथावत है, लेकिन हाल ही में अमेरिका ने सैन्य अभियान हाथ में लेने के बाद बहुत कमजोर पड़ गया है। ईरान की वर्तमान सत्ता बच भी जाए तो उसे अपनी मिसाइल और ड्रोन क्षमता को फिर से मजबूत करने में वर्षों लग जाएंगे।
ट्रम्प की नीति का किया बचाव
तुलसी गबार्ड ने इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान पर हमला करने के निर्णय का बचाव किया था। यह घटना तब हुई जब अमेरिका के नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर (NCTC) के प्रमुख जो केंटे ने विरोध में इस्तीफा दे दिया था। इस युद्ध को लेकर प्रशासन से यह पहला उच्च स्तरीय इस्तीफा था। तुलसी ने अपने बयान में कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प को अमेरिका की जनता ने भारी बहुमत से राष्ट्रपति और कमांडर-इन-चीफ के रूप में चुना है।