आनंद (गुजरात): केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने हाल ही में कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) ने वर्ष 2022-23 में प्रतिदिन 427 लाख लीटर से अधिक दूध बेचा है, जिससे उसे 50 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ हुआ है।
मंत्री ने एनडीडीबी के डायमंड जुबली समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह विकास की गति को दर्शाता है। उन्होंने बोर्ड से आग्रह किया कि वे केवल दूध तक ही सीमित न रहें, बल्कि फल, सब्जियां और आलू जैसे अन्य उत्पादों के प्रसंस्करण में भी अपनी गतिविधियों का विस्तार करें।
उन्होंने त्रिभुवन पटेल की जयंती पर किसान कल्याण गतिविधियों की शुरुआत की। त्रिभुवन पटेल ने 1946 में कैरा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ की स्थापना की थी, जो बाद में अमूल सहकारी आंदोलन के रूप में विकसित हुआ। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की स्थापना 1965 में एक सहकारी डेयरी के रूप में की गई थी।