खुफिया सूत्रों के अनुसार, फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) पर अमेरिकी नागरिकों का डेटा खरीदने का आरोप लगा है। इस डेटा का इस्तेमाल लोगों को ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है।
एक हालिया सुनवाई में, FBI के एक शीर्ष अधिकारी ने स्वीकार किया कि एजेंसी वाणिज्यिक डेटा खरीदती है। इस डेटा में लोकेशन की जानकारी भी शामिल हो सकती है।
अधिकारी ने कहा कि FBI अपने मिशन को पूरा करने के लिए सभी वैध उपकरणों का उपयोग करती है। उन्होंने यह भी कहा कि खरीदा गया डेटा संविधान और कानूनों के अनुरूप है।
हालांकि, कुछ सांसदों ने इस प्रथा पर चिंता व्यक्त की है। उनका तर्क है कि वारंट के बिना डेटा खरीदना चौथे संशोधन का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि AI का उपयोग बड़ी मात्रा में व्यक्तिगत डेटा का विश्लेषण करने के लिए किया जा रहा है, जिससे जोखिम और बढ़ सकता है।
इस खुलासे ने इंटरनेट गोपनीयता पर बहस को फिर से जीवित कर दिया है। वेबसाइटें और ऐप्स नियमित रूप से व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करते हैं, लेकिन डेटा खरीदने से कानून प्रवर्तन एजेंसियों को वारंट जैसे पारंपरिक कानूनी सुरक्षा उपायों को दरकिनार करने की अनुमति मिलती है। इससे डिजिटल युग में गोपनीयता को लेकर नए सवाल उठते हैं।
FBI ने इस मामले पर आगे कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।