गूगल एंड्रॉयड इकोसिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए एक नया नियम ला रहा है। इसके तहत, अनवेरीफाईड (unverified) एंड्रॉयड ऐप्स को साइडलोड (sideload) करने के लिए यूजर्स को 24 घंटे का इंतजार करना होगा।
गूगल का कहना है कि यह कदम एंड्रॉयड डिवाइसों को मैलवेयर (malware) से बचाने के लिए उठाया जा रहा है। कंपनी के अनुसार, अक्सर धोखेबाज यूजर्स को तत्काल ऐप इंस्टॉल करने के लिए मजबूर करते हैं, जिससे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती है। 24 घंटे की देरी से यूजर्स को सोचने और यह पता लगाने का समय मिलेगा कि क्या वे किसी घोटाले का शिकार हो रहे हैं।
यह 'एडवांस्ड फ्लो' नामक एक विशेष प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा, जो डेवलपर सेटिंग्स में उपलब्ध होगी। इस प्रक्रिया को सक्रिय करने के लिए, यूजर्स को डेवलपर विकल्प सक्षम करने, 'अनवेरीफाईड पैकेज की अनुमति दें' टॉगल को चालू करने, डिवाइस अनलॉक पिन/पासवर्ड दर्ज करने और डिवाइस को रीस्टार्ट करने की आवश्यकता होगी। इसके बाद, उन्हें 24 घंटे इंतजार करना होगा, जिसके बाद वे अनवेरीफाईड ऐप्स इंस्टॉल कर सकेंगे।
गूगल का कहना है कि वह एंड्रॉयड यूजर्स की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी का मानना है कि यह नया नियम यूजर्स को मैलवेयर से बचाने में मदद करेगा, जबकि उन्हें साइडलोडिंग की सुविधा भी प्रदान करेगा।
यह नियम सबसे पहले ब्राजील, सिंगापुर, इंडोनेशिया और थाईलैंड में लागू होगा, जिसके बाद इसे अगले साल वैश्विक स्तर पर लागू किया जाएगा।