मध्य पूर्व संकट: मध्य-पूर्व एशिया में बढ़ते तनाव का सीधा असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर देखने को मिल रहा है। ईरान द्वारा खाड़ी देशों के ऊर्जा केंद्रों पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है।
गुरुवार को यूरोपीय गैस के भाव में अचानक 35% तक की बढ़ोतरी हुई, जबकि युद्ध शुरू होने के बाद 'ब्रेंट क्रूड' की कीमतों में भी लगभग 60% जितना भारी इजाफा दर्ज किया गया है। इस स्थिति के कारण दुनिया भर के बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल है।
कतर के 'रास लाफान' पर हमला: विश्व के 20% एलएनजी आपूर्ति पर बड़ा संकट
इस उछाल का मुख्य कारण ईरान द्वारा कतर के 'रास लाफान' औद्योगिक क्षेत्र और पड़ोसी देशों के ऊर्जा केंद्रों पर किए गए हमले हैं। कतर का यह प्लांट दुनिया के कुल एलएनजी आपूर्ति का लगभग 20% उत्पादन करता है, जो हमले के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके अलावा, अबू धाबी के हबशान गैस प्लांट को भी नुकसान पहुंचने के कारण उसे बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
ऊंचे दामों पर गैस खरीदने को मजबूर यूरोप
इन हमलों ने खास तौर पर यूरोप के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है, क्योंकि वहां गैस स्टोरेज टैंक खाली हो रहे हैं और अब उन्हें एशिया के खरीदारों के सामने ऊंचे दामों पर गैस खरीदने के लिए प्रतिस्पर्धा करनी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो यह संकट महीनों या वर्षों तक चल सकता है।
डोनाल्ड ट्रम्प की ईरान को कड़ी चेतावनी
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इन हमलों के बाद ईरान को अत्यंत कड़ी चेतावनी दी है। ट्रम्प ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर कतर पर फिर से हमला होता है, तो अमेरिका ईरान के पूरे गैस फील्ड को उड़ा देगा, जिसकी ईरान ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। इस भयानक विनाश को रोकने और तेल की आपूर्ति बनाए रखने के लिए ट्रम्प प्रशासन ने रणनीति बदल दी है। अमेरिका ने वेनेजुएला पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी है ताकि अमेरिकी कंपनियां वहां से तेल और गैस प्राप्त कर सकें और वैश्विक बाजार में आपूर्ति की कमी को पूरा किया जा सके।