मिडिल ईस्ट में 28 फरवरी से शुरू हुआ संघर्ष अब रौद्र रूप धारण कर रहा है। अमेरिका और इजरायल लगातार ईरान के तेल और गैस ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। हालांकि, अब इस विवाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीधी और कड़ी चेतावनी देकर दुनिया को चौंका दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अगर ईरान ने कतर पर हमला करने की गलती की, तो परिणाम भयंकर होंगे।
दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड 'साउथ पार्स' पर क्या हुआ?
बुधवार को दुनिया के सबसे बड़े नेचुरल गैस फील्ड 'साउथ पार्स' पर इजरायल द्वारा बड़ा हमला किया गया था। इस हमले के बाद ईरान भड़क गया है और उसने जवाबी कार्रवाई करने की धमकी दी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह हमला सिर्फ इजरायल का ऑपरेशन था और इसमें अमेरिका या कतर की कोई भूमिका नहीं थी।
ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी 'कतर को मत छुओ'
ईरानी अधिकारियों ने धमकी दी थी कि वे आने वाले घंटों में सऊदी अरब, यूएई और कतर की पांच ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाएंगे। इस धमकी पर पलटवार करते हुए ट्रंप ने लिखा कि, "ईरान अभी भ्रमित है। उसने गलती से कतर की एलएनजी सुविधा पर हमला किया है। ईरान समझ ले कि जब तक वह निर्दोष कतर पर हमला नहीं करेगा, तब तक इजरायल साउथ पार्स पर दूसरा कोई हमला नहीं करेगा।"
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अमेरिका का 'पावरफुल' प्लान
ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान ने कोई भी 'मूर्खतापूर्ण' कदम उठाया, तो अमेरिका खुद मैदान में उतरेगा। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए दावा किया कि अगर कतर पर हमला हुआ, तो अमेरिका इजरायल की मदद के बिना भी पूरे साउथ पार्स गैस फील्ड को उड़ा देगा। यह हमला इतनी ताकत से किया जाएगा कि जो ईरान ने कभी देखा नहीं होगा।
कतर क्यों महत्वपूर्ण है?
कतर दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी निर्यातक देश है और यह अमेरिका का रणनीतिक भागीदार भी है। साउथ पार्स गैस फील्ड का बड़ा हिस्सा ईरान के पास है, जबकि इसका दूसरा भाग कतर के पास है (जिसे 'नॉर्थ फील्ड' कहा जाता है)। ट्रंप चाहते हैं कि इस अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा ढांचे को कोई नुकसान न पहुंचे।