कनाडा में भारत सरकार के एजेंटों द्वारा कथित गुप्त गतिविधियों और अंतर्राष्ट्रीय दमन को लेकर रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। RCMP कमिश्नर माइक डूहमे ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान जानकारी के अनुसार, कनाडा में ऐसी कोई गुप्त गतिविधियाँ नहीं चल रही हैं जिनके तार भारत सरकार से जुड़े हों।
जांच में किसी विदेशी संस्था की संलिप्तता नहीं
एक टीवी इंटरव्यू में डूहमे ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय दमन से जुड़ी जो भी फाइलें और जांच अभी पुलिस के पास हैं, उनमें किसी विदेशी संस्था या देश की संलिप्तता देखने को नहीं मिली है। कनाडा में ऐसे लोग जरूर हैं जो दूसरों को डरा-धमका रहे हैं, लेकिन ये गतिविधियाँ किसी विदेशी एजेंसी द्वारा प्रायोजित हों, ऐसा प्रतीत नहीं होता।
पुरानी जांच और वर्तमान स्थिति के बीच का अंतर
जब उनसे 2024 में दिए गए उनके ही पुराने बयान के बारे में पूछा गया, तो इस मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उस समय जो फौजदारी जांच चल रही थी, उसके आधार पर एजेंटों की संलिप्तता की बात की थी। लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि किसी विशिष्ट विदेशी संस्था के साथ सीधा संबंध स्थापित करना अत्यंत मुश्किल होता है।
पीएम मार्क कार्नी और भारत के साथ संबंध
कनाडा में अब सत्ता परिवर्तन के बाद प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत के साथ संबंधों को सुधारने के लिए सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। जून 2025 के बाद पीएम मार्क कार्नी और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच तीन बार मुलाकात हो चुकी है। दोनों देशों ने संबंधों को सुधारने की दिशा में आगे बढ़ते हुए परस्पर नए हाईकमिश्नर की नियुक्ति भी की है।
विवाद का इतिहास
उल्लेखनीय है कि 2023 में तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ होने का आरोप लगाया था, जिसे भारत ने सख्ती से नकार दिया था। उसके बाद 2024 में कनाडा ने 6 भारतीय राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था और भारत ने भी जवाबी कार्रवाई में 6 कनाडाई राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया था। कनाडा की गुप्तचर एजेंसी (CSIS) अभी भी भारत पर नजर रख रही है, इन खबरों के बीच RCMP चीफ का यह बयान भारत के लिए बड़ी राजनयिक जीत माना जा रहा है।