अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 20 दिनों से चल रहे युद्ध में एक खतरनाक नया मोड़ आया है। अब इस युद्ध में ऊर्जा ठिकानों पर हमले हो रहे हैं। आक्रामक ईरान के कारण कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सहित सऊदी अरब भी भारी संकट का सामना कर रहा है। स्थिति ऐसी हो गई है कि अगर सऊदी अरब युद्ध में एंट्री करता है तो वह पाकिस्तान की सेना की मदद ले सकता है।
ईरान के हमले से सऊदी अरब भड़का
दरअसल, इजरायल ने कल ईरान के तेल-गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने कतर में तेल-गैस प्लांटों को निशाना बनाया। इसके साथ ही ईरान ने सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात को बड़े तेल और गैस ठिकानों को खाली करने की चेतावनी दी है, जिसके कारण आने वाले समय में युद्ध के भयंकर स्थिति में पहुंचने और अधिक ऊर्जा संकट पैदा होने की आशंका बढ़ गई है। सऊदी अरब ने ईरान के कई मिसाइल और ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है, जबकि ड्रोन का मलबा गिरने के कारण यूएई को गैस प्लांट खाली करना पड़ा है।
...तो ईरान युद्ध में पाकिस्तान की होगी एंट्री
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के हमले के कारण सऊदी अरब भारी आक्रोश में आ गया है और उसने अब युद्ध में उतरने की तैयारी कर ली है। ईरान के हमले का सामना कर रहे सऊदी अरब के युद्ध में उतरने की आशंका जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है तो युद्ध में पाकिस्तान को भी शामिल होना पड़ सकता है, क्योंकि इसके लिए सऊदी और पाकिस्तान के बीच रक्षा समझौता हुआ है।
सऊदी पाकिस्तान से सैन्य मदद मांगेगा?
खबरों के मुताबिक, अगर सऊदी अरब ईरान युद्ध में शामिल होता है तो वह पाकिस्तान से सैन्य मदद मांग सकता है। दोनों देशों के समझौते में परमाणु सुरक्षा का भी उल्लेख है। इस समझौते का मतलब है कि अगर एक देश पर हमला होता है तो उसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर हाल ही में कई बार सऊदी अरब की यात्रा कर चुके हैं। इससे स्पष्ट होता है कि युद्ध के बीच अंदर ही अंदर कोई नई रणनीति बन रही है।