मीडिया जगत में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। नेक्सस्टार मीडिया ग्रुप ने टेग्ना का 6.2 बिलियन डॉलर में अधिग्रहण कर लिया है। इस अधिग्रहण के साथ ही नेक्सस्टार अब राष्ट्रीय स्टेशन स्वामित्व सीमा का उल्लंघन कर रहा है।
विभिन्न राज्य अटॉर्नी जनरल इस विलय को अदालत में चुनौती दे रहे हैं। उनका कहना है कि FCC के पास छूट देने का अधिकार नहीं है और केवल कांग्रेस ही 39% स्वामित्व सीमा को बदल सकती है।
विरोधियों का कहना है कि FCC के पास छूट देने का अधिकार नहीं है और केवल कांग्रेस ही 39 प्रतिशत स्वामित्व सीमा को बदल सकती है। FCC का कहना है कि नेक्सस्टार के पास 15 प्रतिशत से कम टीवी स्टेशन होंगे, लेकिन FCC के राष्ट्रीय टेलीविजन स्वामित्व नियम में यह सीमा एक इकाई के स्टेशनों द्वारा पहुंचे अमेरिकी घरों के प्रतिशत से तय होती है। नेक्सस्टार/टेग्ना का संयोजन अमेरिका में 80 प्रतिशत टीवी घरों तक पहुंचेगा, या “UHF छूट” लागू करने पर 54.5 प्रतिशत तक।
अधिग्रहण के बाद नेक्सस्टार के पास 265 फुल-पावर टीवी स्टेशन होंगे। कंपनी ने स्थानीय खबरों और रिपोर्टिंग में निवेश करके समुदायों को बेहतर सेवा देने का वादा किया है।
आलोचकों का तर्क है कि यह सौदा प्रसारण मीडिया को स्थानीय नियंत्रण और स्वतंत्रता से दूर, विशाल राष्ट्रीय समूहों के पूर्ण नियंत्रण की ओर ले जाएगा।
FCC आयुक्त एना गोमेज़ ने सार्वजनिक बैठक में विलय पर मतदान नहीं कराने के लिए आलोचना की। उनका कहना है कि इससे उपभोक्ताओं और समुदायों के लिए पारदर्शिता नहीं रहेगी।
मीडिया और दूरसंचार वकालत समूहों ने FCC की आलोचना की। पब्लिक नॉलेज के कानूनी निदेशक जॉन बर्गमेयर ने कहा, उपभोक्ताओं को इसकी कीमत चुकानी होगी।