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गुजरात

प्रभास क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के गोलोकधाम गमन पर धर्मवंदना

Satish Patel
Satish Patel
19 March 2026, 09:16 PM · 1 मिनट पढ़ें · 1 बार देखा गया
प्रभास क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के गोलोकधाम गमन पर धर्मवंदना

आज प्रभास क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के गोलोकधाम गमन के अवसर पर धर्मवंदना का आयोजन किया गया। 3102 वर्ष पहले चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन भगवान श्रीकृष्ण ने प्रभास के देहोत्सर्ग स्थल से मध्याह्न के 2 बजकर 27 मिनट और 30 सेकंड पर स्वधाम गमन किया था।

मथुरा की जेल में प्राकट्य पाकर और अनेक लीलाओं के साथ भगवान श्रीकृष्ण ने द्वारका के राजा बनकर आखिरकार पावन प्रभास भूमि में नित्यलीला के रूप में प्रभास क्षेत्र में सोमनाथ के सानिध्य में हिरण नदी के किनारे चैत्र सुद एकम के दिन देहोत्सवर्ग कर गोलोकधाम प्रस्थान किया था। भगवान श्रीकृष्ण ने वैकुंठगमन किया, उस गोलोकधाम दिन की प्रभास क्षेत्र में हर वर्ष विशेष रूप से मनाया जाता है। 19 तारीख को गोलोकधाम उत्सव मनाया जाएगा।

दाऊजी ने जहाँ से पाताल लोक प्रवेश किया था, उस गुफा पर पूज्य ज्ञानानंद सरस्वती ने प्रभास में चातुर्मास के दौरान किए गए शास्त्रोक्त अध्ययन के साथ काल गणना के बाद घोषित किया था कि 3102 वर्ष पहले चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन भगवान श्रीकृष्ण ने प्रभास के देहोत्सर्ग स्थल से मध्याह्न के दोपहर 2 बजकर 27 मिनट और 30 सेकंड पर स्वधाम गमन किया था। इस तिथि को स्वीकृति मिलने के बाद हर वर्ष चैत्र सुद एकम को गोलोकधाम उत्सव मनाया जाता है।

प्रभास क्षेत्र में हर वर्ष की परंपरा के अनुसार हिरण नदी के किनारे गोलोकधाम-देहोत्सर्ग पर प्रस्थान महोत्सव सोमनाथ ट्रस्ट द्वारा मनाया जाएगा। गोलोकधाम उत्सव के अंतर्गत सुबह 6:30 बजे मंगला आरती, 7 बजे दैनिक पूजन, 8 बजे श्रृंगार आरती, 8:30 बजे नूतन ध्वजारोहण, गौपूजन, वृक्षारोपण, 9 बजे होमात्मक विष्णुयाग का प्रारंभ होगा।

दोपहर 1:45 बजे बलदेवजी पूजन, चरण पादुका पूजन, 2:27 बजे शंखनाद, बांसुरी वादन, जयघोष, 3 बजे गीता पाठ, 5:30 बजे विष्णुयाग की पूर्णाहुति, 5:30 से 7 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा शाम 7 बजे चरण पादुका महाआरती तथा प्रसाद वितरण होगा।

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