भारत ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल-गैस संयंत्रों पर हो रहे हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। अन्यथा, वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र और भी अस्थिर हो जाएगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन हमलों को परेशान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि ये हमले पहले से ही अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र को और अस्थिर कर देंगे। भारत ने पहले भी नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाने से बचने का आह्वान किया है।
इजरायल के बाद ईरान द्वारा तेल-गैस संयंत्रों पर हमले करने से दुनिया चिंतित है। ईरान ने कतर के रास लाफान स्थित एलएनजी केंद्र सहित कई ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है। ईरान ने पहले चेतावनी दी थी कि वह कतर, सऊदी अरब और यूएई के तेल-गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करेगा जिसके बाद ये हमले शुरू किए गए थे। इस चेतावनी के बाद दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है।
इस संघर्ष का सीधा असर वैश्विक बाजार पर देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर 116.38 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है, जो युद्ध से पहले 73 डॉलर से कम थी। इसके अलावा, प्राकृतिक गैस के यूरोपीय टीटीएफ मानक में भी 24 प्रतिशत की बड़ी उछाल दर्ज की गई है, जिससे दुनिया भर के देशों की चिंता बढ़ गई है।