पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण भारत में कीटनाशक और फसल सुरक्षा रसायनों की कीमतों में 20-25% तक की वृद्धि होने की आशंका है। विभिन्न कीटनाशक निर्माताओं के एक संगठन ने ईंधन की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला में लगातार व्यवधानों को इसका मुख्य कारण बताया है।
संगठन के अनुसार, संघर्ष के कारण आपूर्ति श्रृंखला और प्रमुख शिपिंग मार्गों में व्यवधान से फसल सुरक्षा उद्योग के लिए इनपुट लागत 20-25% तक बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर किसानों पर पड़ेगा। उनका कहना है कि इस व्यवधान के कारण महत्वपूर्ण कृषि सीजन के दौरान कुछ फसल सुरक्षा उत्पादों की कमी हो सकती है, जिससे उपज और उत्पादन की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। खरीफ सीजन इस महीने के अंत तक देश के अधिकांश हिस्सों में शुरू हो जाता है।
उद्योग को इस अवधि में तकनीकी और फॉर्मूलेशन संयंत्रों में कम क्षमता उपयोग देखने की उम्मीद है, जिससे उद्योग की कमाई और रोजगार, विशेष रूप से एमएसएमई क्षेत्र में प्रभावित हो सकता है। उद्योग ने सरकार से ऊर्जा क्षेत्र में समर्थन और प्रोत्साहन की मांग की है ताकि स्थानीय उत्पादन और क्षमता को बढ़ाया जा सके। उद्योग सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है।
आपूर्ति में कमी और अस्थिरता अवैध, नकली या घटिया उत्पादों के प्रसार को बढ़ावा दे सकती है, इसलिए सतर्क रहना और सभी निगरानी तंत्रों को सक्रिय करना महत्वपूर्ण है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही कीटनाशक खरीदें और बिल अवश्य लें।