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गुजरात

सूरत में बेमौसम बारिश का कहर, भारी बोर्ड गिरने से युवक की मौत

Satish Patel
Satish Patel
19 March 2026, 06:48 PM · 1 मिनट पढ़ें · 2 बार देखा गया
सूरत में बेमौसम बारिश का कहर, भारी बोर्ड गिरने से युवक की मौत

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"title": "सूरत में बेमौसम बारिश का कहर, भारी बोर्ड गिरने से युवक की मौत",
"content": "गुजरात में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने कहर ढाया है। 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं और बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अहमदाबाद में 20 से ज्यादा और जामनगर में 55 से ज्यादा पेड़ गिर गए, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। जामनगर में भारी बिजली लाइन के दो टावर गिरने से कई इलाकों में अंधेरा छा गया। राज्य में आज शाम 8 बजे तक 36 तहसीलों में बारिश हुई, जिनमें से राजकोट शहर में सबसे ज्यादा 1.38 इंच बारिश हुई, जिससे जगह-जगह पानी भर गया।\nसूरत में मिनी तूफान ने एक युवक की जान ले ली! सूरत के पर्वत पाटिया इलाके में एक दुखद घटना हुई। सूरत नगर निगम का एक भारी बोर्ड हवा के कारण एक युवक पर गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक का नाम नीतिन वाजा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए स्मीमेर अस्पताल ले जाया गया है। यह प्राकृतिक नहीं, बल्कि मानव निर्मित गलती के कारण हुआ है, जिसके कारण युवक की जान गई है। इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर लगे बोर्डों और संरचनाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।\nबावला-सरखेज हाईवे पर स्थित सरी गांव के पास आज कुदरती आपदा और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिला। अचानक तेज हवा और तूफान के कारण हाईवे पर स्थित एक मंदिर का मंडप हवा में उड़कर हाईवोल्टेज बिजली लाइन पर फंस गया। हालांकि, सौभाग्य से बिजली कंपनी की सतर्कता और आधुनिक लाइन के कारण बड़ी जनहानि टल गई। सरी गांव में हाईवे पर उगता पोरना के मेलडी माताजी का मंदिर है। वर्तमान में चैत्री नवरात्रि का पवित्र त्योहार चल रहा है, इसलिए मंदिर के प्रांगण में भक्तों के लिए एक विशाल मंडप बनाया गया था। आज अचानक मौसम में बदलाव आया और तेज तूफान आया, जिससे यह मंडप जमीन से उखड़कर हवा में उछल गया। हवा में उड़ा यह मंडप सीधे मंदिर के ऊपर से गुजर रही 11 KV फीडर की लाइन पर जाकर चिपक गया।\nआम तौर पर ऐसी घटनाओं में बड़ा धमाका होता है या पूरे मंडप में करंट उतरने से भयंकर हादसा होता है। लेकिन इस मामले में तस्वीर अलग थी। बिजली कंपनी द्वारा हाल ही में इस क्षेत्र में नई आधुनिक बिजली लाइन डाली गई है। यह लाइन इस तरह से डिजाइन की गई है कि उस पर कोई भी चीज टकराए या चिपके तो भी करंट नहीं लगता है, इसलिए मंडप लोहे या कपड़े का होने के बावजूद, इस विशिष्ट वायरिंग के कारण कोई शॉर्ट सर्किट नहीं हुआ और किसी व्यक्ति को चोट नहीं पहुंची। घटना के बाद स्थानीय लोगों और मंदिर के ट्रस्टियों ने राहत की सांस ली। भक्तों में भी ऐसी चर्चा थी कि माताजी की असीम कृपा और बिजली विभाग के काम के कारण आज एक बड़ी दुर्घटना टल गई।\nआज (19 मार्च) शाम 7 बजे के मौसम विभाग के नाउकास्ट के अनुसार, राजकोट, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली, भावनगर, बोटाद, सुरेंद्रनगर जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।\nजामनगर के ढीचड़ा रोड पर तूफानी हवा के कारण पतरों की पूरी फेंसिंग उड़ गई। जामनगर में ढींचड़ा रोड पर आए तूफान के कारण सड़क के किनारे काम चल रहा था, और पतरों की लंबी फेंसिंग बनाई गई थी, जो पूरी फेंसिंग हवा में उड़ने लगी थी। हालांकि, सौभाग्य से इस फेंसिंग के कारण किसी को चोट या जानहानि नहीं हुई। जिसका वीडियो भी एक बाइक चालक युवक ने उतार लिया था, और वह सोशल मीडिया में वायरल हो गया है।\nजामनगर में हैवी बिजली लाइन जमींदोज, लाइव वीडियो डरावना। जामनगर शहर और आसपास के इलाके में दोपहर के समय अचानक तूफानी हवा के साथ तूफान आया था, और तूफानी बारिश भी शुरू हो गई थी। जिसमें जेटको को भारी नुकसान हुआ है। जामनगर से सिक्का की तरफ जा रही एस्सार कंपनी की हैवी बिजली लाइन जिसके 220 के.वी. के दो बड़े टावर एक के बाद एक जमींदोज हो गए थे, जिसके कारण उस इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। कई तार टूटकर नीचे गिर गए थे, जिससे जेटको की टीम को भागदौड़ करनी पड़ी, और हैवी लाइन बंद कर दी गई है। साथ ही मरम्मत का काम भी युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा जेटको का 132 के.वी. का हैवी लाइन का कनसুমरा इलाके से गुजरता एक टावर भी जमींदोज हो गया था। जिससे कनसুমरा और आसपास के ग्रामीण इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है, और वहां भी जेटको की टीम द्वारा तत्काल प्रभाव से मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।\nफायर ब्रिगेड की 10 टीमों ने काम संभाला। जामनगर में तूफान के दौरान चालू रिक्शा पर पेड़ गिरने की घटना हुई थी, जिसमें फायर ब्रिगेड की 10 टीमों ने युद्ध स्तर पर ऑपरेशन चलाकर कुछ ही घंटों में सड़कों को खोलकर सराहनीय काम किया है। 70 से ज्यादा फायर के जवानों की अलग-अलग 10 टीमें बनाई गई थीं, और करवत, कुल्हाड़ी, रस्सी आदि के साधन सामग्री के साथ सभी टीमों को दौड़ती कर दी गई थी, और सिर्फ डेढ़ घंटे के समय में 45 से ज्यादा शिकायतों का निपटारा कर दिया गया था।\nअहमदाबाद में आंधी। राज्य की आर्थिक राजधानी माने जाने वाले अहमदाबाद में बारिश से ज्यादा हवा का जोर देखने को मिला। शाम के समय आंधी आने से शहर पर धूल की आंधी का राज देखने को मिला, सिंधुभवन रोड समेत कई इलाकों में विशाल पेड़ गिर गए। शहर में 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने से 20 से ज्यादा पेड़ गिर गए हैं। अहमदाबाद ग्रामीण में मौसम में बदलाव, जिसमें बावला नानंद बाग में स्वदेशी मेले में नुकसान हुआ था।\nशिवकथा का मंडप गिर गया। अमरेली जिले के धारी, चलाला और बाबरा इलाके में गरज के साथ हुई बारिश ने भारी तबाही मचाई है। वलारडी गांव में वघासिया परिवार द्वारा आयोजित शिवकथा का मंडप गिर गया है, जबकि खेतों में तैयार फसल को नुकसान होने की आशंका से किसान चिंतित हैं।\nकिस जिले में कितनी बारिश हुई?\nजिला\nतालुका\nबारिश (इंच में)\nराजकोट\nराजकोट\n1.38\nजूनागढ़\nभेसाण\n1.38\nअमरेली\nबगसरा\n0.87\nराजकोट\nधोराजी\n0.79\nदेवभूमि द्वारका\nओखामंडल\n0.79\nराजकोट\nउपलेटा\n0.67\nराजकोट\nलोधिका\n0.63\nकच्छ\nमुंद्रा\n0.63\nजामनगर\nलालपुर\n0.63\nराजकोट\nकोटडा सांगाणी\n0.47\nकच्छ\nभुज\n0.43\nसुरेंद्रनगर\nचोटीला\n0.39\nराजकोट\nजेतपुर\n0.39\nजामनगर\nकालावड\n0.35\nजूनागढ़\nवंथली\n0.35\nसुरेंद्रनगर\nध्रांगध्रा\n0.31\nकच्छ\nलखपत\n0.31\nकच्छ\nनखत्राणा\n0.31\

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